कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है? qutub minar ki lambai kitni hai

कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है? qutub minar ki lambai kitni hai

आज हम भारत की ऐसी सांस्कृतिक इमारत के बारे में बात करने वाले हैं जो केवल भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे ऊंची मीनार है इसका नाम है क़ुतुब मीनार। आज हम आपको क़ुतुब मीनार से जुड़ी हुई बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं और साथ ही साथ यह भी बताने वाले हैं कि आखिर क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है?(qutub minar ki lambai kitni hai) तो आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ना क्योंकि आज आप क़ुतुब मीनार से जुड़े हुए बहुत ही रोचक तथ्य जानने वाले हैं।

कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है

क़ुतुब मीनार (qutub minar ) के बारे में

क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है यह जाने से पहले आपको क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) की थोड़ी बहुत जानकारी तो होनी ही चाहिए इसलिए मैं आपको क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) के बारे में थोड़ा सा संक्षिप्त में बता देता हूं उसके बाद हम इसके बारे में विस्तार से भी चर्चा करेंगे।

क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) भारत के दिल्ली में स्थित विश्व की सबसे ऊंची मीनार है जो पूरी तरह से ईट से बनी हुई है। दुनिया की सबसे ऊंची मीनार होने के कारण इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर यानी कि World Heritage भी घोषित किया है। 

क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को किसने और कब बनवाया था?

क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक क़ुतुब ुद्दीन ऐबक ने इसका निर्माण कार्य आरंभ किया था क्योंकि क़ुतुब ुद्दीन ऐबक अफगानिस्तान में स्थित जाम की मीनार से काफी ज्यादा प्रभावित थे और वह चाहते थे कि मैं भारत के अंदर भी इससे भी अच्छी कोई इमारत होनी चाहिए। इसीलिए उन्होंने क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को बनाने का निश्चय कर लिया और क़ुतुब ुद्दीन ऐबक के नाम पर ही इस इमारत का नाम क़ुतुब मीनार रखा गया लेकिन ये अलग बात है कि इनके जीवन काल में क़ुतुब मीनार का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।

क़ुतुब ुद्दीन ऐबक के रहते केवल क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) का आधार ही बनकर तैयार हो पाया। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश दिल्ली के सिंहासन पर बैठे और फिर उन्होंने क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को तीन मंजिल तक बढ़ाया और इसके बाद 1367 में फिरोजशाह तुगलक ने क़ुतुब मीनार की पांचवी और अंतिम मंजिल बनवाई और आखिरकार क़ुतुब मीनार यानी दुनिया के सबसे ऊंची मीनार बनकर तैयार हो गई।

तो यहां पर आप देख सकते हैं कि सिर्फ अकेली क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को बनाने में दिल्ली के तीन शासकों को मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि ऐसे ही यह मीनार दुनिया की सबसे ऊंची मीनार नहीं बन गई इसीलिए आपको अपने भारत देश पर गर्व होना चाहिए कि हमारे देश में भी ऐसी सांस्कृतिक इमारत है जिसे देखने के लिए लोग देश के कोने-कोने से आते हैं।

चलिए ये तो बात हो गई क़ुतुब मीनार के बारे में आइए आप जान लेते हैं उस सवाल को जिसे जानने के लिए बहुत सारे लोगों के मन में उत्सुकता बनी रहती है यानी की क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है।

क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है | qutb Minar ki lambai kitni hai

अगर लंबाई की बात करें तो क़ुतुब मीनार की लंबाई यानी की ऊंचाई 72.5 मीटर है और इसी लंबाई को अगर फुट में देखें तो रवीना की ऊंचाई 238 फुट है। क़ुतुब मीनार को लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है और साथ ही साथ इसकी दीवारों पर मुस्लिमों के ग्रंथ कुरान और फूल की बेलों की बहुत बारीकी से नक्काशी की गई है। जोकि इसे देखने वालों को बहुत ज्यादा मन को लुभाती है।

अगर क़ुतुब मीनार के व्यास की बात करें तो आधार पर 14.32 मीटर और 72.5 मीटर की ऊंचाई पर शीर्ष के पास लगभग 2.75 मीटर है। 

क़ुतुब मीनार को क्यों बनवाया गया था?

सबसे पहले 1199 ईसवी में गुलाम राजवंश के शासक क़ुतुब ुद्दीन ऐबक ने क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को बनाने की नींव रखी थी उस समय नमाज अदा करने के लिए कोई ऊंची इमारत नहीं थी इसीलिए क़ुतुब मीनार का निर्माण नमाज अदा करने की पुकार लगाने के लिए करवाया गया था। 

इसके बाद उनके दामाद इल्तुतमिश जो कि आगे चलकर दिल्ली के सिंहासन पर बैठे और इनके उत्तराधिकारी बने उन्होंने क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को बनाने का कार्य आगे बढ़ाया और इसकी तीन मंजिल बनाने का काम पूरा किया और इल्तुतमिश के बाद फिरोजशाह तुगलक आए जिन्होंने आखिरकार क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) को पूरा बनाकर तैयार किया और सर आखिरकार तेरहवीं शताब्दी की शुरुआत आते-आते क़ुतुब मीनार बनकर तैयार हो गई।

क़ुतुब मीनार (qutub minar) की डिज़ाइन कैसी है?क़ुतुब मीनार (qutub minar) की डिज़ाइन कैसी है?

क़ुतुब मीनार की डिजाइन बहुत ही बारीकी से बनाई गई है। मंजिलों के चारों और जो छज्जे हैं वो आगे की ओर झुके हुए हैं जो हर तरफ से इस मीनार को गिरते हैं और इसके साथ ही इन्‍हें पत्‍थर के ब्रेकेट से सहारा दिया गया है। क़ुतुब मीनार की पहली मंजिल पर बहुत बड़े-बड़े मधुमक्खी के छत्ते की सजावट इतनी गहरी और स्पष्ट है कि देखने वाले दर्शक जो दूर-दूर से आते हैं इसकी बारीकी को देखते ही दंग रह जाते हैं।

क़ुतुब मीनार से जुड़े हुए कुछ रोचक तथ्य

  • क्या आपको पता है कि क़ुतुब मीनार के अंदर एक लोहे का खंबा है और इस लोहे के खंभे में कभी भी जंग नहीं लगती है यानी कि लोहे का स्तंभ प्रतिरोधक है जिस पर चाहे बारिश हो सर्दी हो या गर्मी या फिर मानसून चाहे कैसा भी मौसम क्यों ना हो इस पर कभी भी जंग नहीं लगती है क़ुतुब मीनार के इसी आश्चर्य को देखकर बड़े बड़े वैज्ञानिक भी अचंभित रह जाते हैं।
  • क़ुतुब मीनार जो कि दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है लेकिन क्या आपको पता है दुनिया की सबसे ऊंची मीनार होते हुए भी क़ुतुब मीनार कई बार भूकंप और आंधी से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
  • क्या आप जानते हैं 1981 से पहले लोगों को क़ुतुब मीनार ( qutb minar ) में जाने की अनुमति नहीं थी किसी को भी क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) में नहीं जाने दिया जाता था ऐसा इसीलिए था क्योंकि दरअसल इससे पहले इसके अंदर एक गंभीर दुर्घटना हुई थी जिसके बाद क़ुतुब मीनार के सार्वजनिक प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। 

क़ुतुब मीनार में कितनी सीढ़ियां है?

क़ुतुब मीनार की लंबाई और ऊंचाई जान लेने के बाद और इसके बारे में इतनी सारी जानकारी हो जाने के बाद हम में से कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी जरूर आता होगा कि आखिर क़ुतुब मीनार भारत की ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है तो क़ुतुब मीनार के अंदर कितनी सीढ़ियां लगी होगी। 

तो चलिए इसका भी जवाब दे देते हैं जैसा कि हमने आपको बताया की क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) में कुल 5 मंजिला हैं और क़ुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है अब हम आपको बता दें कि क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) में कुल कितनी सीढ़ियां हैं तो दोस्तों क़ुतुब मीनार के अंदर 379 सीढियां लगी हुई है।

क़ुतुब मीनार की पूरी जानकारी

तो अब मैं आशा करता हूं कि क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) से जुड़े हुए आपके मन में जितने भी सवाल थे सब दूर हो गए होंगे। इस पोस्ट में हमने आपको क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी और यह भी बताया कि क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है तो अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें और अगर अभी भी आपका कोई सवाल है क़ुतुब मीनार ( qutub minar ) से जुड़ा हुआ या और किसी सांस्कृतिक इमारत से जुड़ा हुआ तो आप कमेंट बॉक्स में हमसे पूछ सकते हैं।

क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है वीडियो देखे 

Faqs

कुतुब मीनार का मूल नाम क्या था?

कुतुब मीनार का मूल नाम "राजा पृथ्वीराज मंदिर" था। तथा यह 1900 तक स्थानीय हिंदुओं के लिए "राजा पृथ्वीराज मंदिर" के रूप में जाना जाता था।

क्या कुतुब मीनार एक हिंदू स्मारक है?

इस विषय में विद्वानों में मतभेद है कुतुब मीनार मूल रूप से सत्ताईस "महान" हिंदू और जैन मंदिरों का एक परिसर था, जो 12 वीं शताब्दी में नष्ट हो गए थे।

कुतुब मीनार को किसने नष्ट किया?

यह एक प्राकृतिक आपदा थी जिसकी वजह से क़ुतुब मीनार के ऊपर बिजली गिरने की वजह से इसका ऊपरी हिस्सा नष्ट हो गया था परन्तु इसको बाद में ठीक क्र दिए गया

कुतुब मीनार क्यों प्रसिद्ध है?

यह UNESCO की विश्व धरोहर स्थल है और दुनिया की सबसे ऊंची ईंट की मीनार है। 12वीं सदी की इस मीनार को अरबी और ब्राह्मी दोनों शिलालेखों के साथ भारत में सबसे पुरानी इस्लामी संरचना माना जाता है।

क़ुतुब मीनार में कितनी सीडी लगी हुई है ?

379 सीढियां लगी हुई है।

निष्कर्ष

मित्रो में उम्मीद करता हूँ की आप सभी हमारे ब्लॉग पर लिखा गया क़ुतुब मीनार की लम्बाई का यह लेख पसंद आया होगा यदि आप सभी को हमारे ब्लॉग का यह लेख पसंद आता है तो आप हमारे ब्लॉग को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे

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